Friday, July 24, 2020

कविता - पावसाने

आणखी एक "पावसाळी कविता "

🌧पावसाने🌧

आभाळात  वर  बघ
जमा झाले काळे ढग
थांबे  उष्ण  तगमग
                 पावसाने.... !!

बरसती  पहा  सरी
थेंब पाण्यात नाच करी
गोल  उमटती  लहरी
                पावसाने.... !!

भिजले पक्षांचे थवे
मुक्या जनावरांसवे
वेली, वृक्ष झाले नवे
                पावसाने..... !!

स्नान करतात घरे
भिजले शिवार सारे
वनात वाहती  झरे
                पावसाने..... !!

🌧🌧🌧🌧🌧🌧🌧🌧
🏘🌱🦇🦉🐒🌴🐪🐅

जयवंत जाधव, कोवाड
ता. चंदगड जि. कोल्हापूर
मोबाईल 9403463881

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